
E-Mail से भी करवा सकते है FIR दर्ज: अधिकारी बोले- कोई परेशान करें तो थाने आने की जरूरत नहीं, महिला सुरक्षा अभियान का शुभारंभ।
पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन ने कहा किइस कार्यक्रम के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए जिले भर में अलग-अलग अधिकारियों व कार्मिको को नियुक्त कर महिलाओं एवं बालकों की सुरक्षा व जगरूकता संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन कर उन्हे गुडटच-बेडटच, आपातकालीन हेल्पलाईन नम्बर व सार्वजनिक स्थानों पर छेडछाड व अन्य अपराधों की रोकथाम करना है। सीओ सिटी मंगलेश चुंडावत ने कहा कि महिला अपराध को रोकने के लिए पुलिस एक्टिव है। और थाने भी महिलाओं के लिए फैमेली है। उनकी बात सूनी जाती है। महिलाओं के साथ किसी तरह का अपराध हो जाता है तो उन्हें थाने आने की भी जरूरत नहीं है। वे घर बैठे ईमेल कर अपने साथ हुए अत्याचार की रिपोर्ट दे सकती है। और संबंधित थाने में जाकर देख सकती है कि उनकी रिपोर्ट पर अभी तक क्या कार्रवाई।कानून के बारे में जानकारी दी
इस दौरान कविता सुपरवाईजर महिला अधिकारिता ब्लॉक सोजत ने कार्यक्रम का परिचय देते हुए बताया-इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालकों से संबंधित अपराधों में बीएनएस व पॉक्सो एक्ट तथा संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के बारे मे जानकारी देना, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, महिला सुरक्षा, छेड-छाड, स्टॉकिंग (पीछा करना) एवं राजकॉप सिटीजन एप के बारे में आम जन में जागरूकता लाना है।निशुल्क सुविधाओं के बारे में दी जानकारी
इसी क्रम में पार्वती हेड महिला कास्टेबल ने गरिमा हेल्प लाइन 1090, यशपाल हेड कास्टेबल ने साइबर सुरक्षा से संबंधित तथा सुमेरदान निरीक्षक पुलिस प्रभारी यातायात ने यातायात संबंधित नियमों व महिला अधिकारिता विभाग से प्रियंका व्यास ने राजस्थान सरकार द्वारा संचालित महिला से संबंधित जानकारी दी। देवी बामणिया केन्द्र प्रबंधक सखी वन स्टॉप सेन्टर, द्वारा पीपीटी के माध्यम से सखी सेन्टर की कार्य प्रणाली एवं प्रदान की जाने वाली निशुल्क सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।
ये रहे मौजूद
कार्यशाला में सुनील के पंवार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीकाऊ, एएसपी त्वरित अनुसंधान सेल जयसिंह तंवर, बांगड़ हॉस्पिटल के पीएमओ कैलाश परिहार, केसी सेनी प्रधानाचार्य एएनएम सेन्टर विमला मंत्री, राधेश्याम भाटी, पुष्पा परिहार सहित कई जने मौजूद रहे। मंच संचालन मांगीलाल तंवर ने किया।











